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मौलवी का फतवा: मौलवी ने जारी किया फतवा, कोरोना वैक्सीन इंजेक्ट करना हराम है, मुसलमानों को इससे दूर रहना चाहिए

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लाइव हिंदी ख़बर:-कोरोना वायरस दुनिया भर में फैल रहा है और संक्रमित लोगों की संख्या ढाई करोड़ के करीब पहुंच गई है। वायरस को नियंत्रित करने के लिए दुनिया भर के वैज्ञानिक दिन-रात काम कर रहे हैं। कई देशों में टीका परीक्षण चल रहा है और मानव जाति इसके लिए तत्पर है। इस बीच एक मौलवी ने फतवा जारी किया है जिसमें मुसलमानों को टीका न लगाने का आग्रह किया गया है।

सूफियान खलीफा नाम के एक मौलवी ने एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें मुसलमानों को कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण नहीं करने का आग्रह किया गया है। कोरोना वैक्सीन वर्जित है, इसलिए मुसलमानों को टीका नहीं लगाया जाना चाहिए। साथ ही अन्य मुस्लिम संगठनों ने इसके खिलाफ आवाज़ उठाई।

मौलवी पर्थ, ऑस्ट्रेलिया में रहता है। उन्होंने मुसलमानों से कोरोना वैक्सीन का विरोध करने की अपील की है। डेली मेल की रिपोर्ट में मौलवी ने एक मुस्लिम संगठन को आग लगा दी जो कोरोना वैक्सीन का समर्थन करता है। मौलवी वीडियो में कहता है कि मुस्लिम संगठनों को लगता है कि कोरोना वैक्सीन उपयुक्त है, शर्म आनी चाहिए।

कैथोलिक ईसाई कोरोना वैक्सीन के खिलाफ खड़े हो गए हैं, क्योंकि वे इसे हराम मानते हैं। मौलवी सुफयान खलीफा ने अपने वीडियो में यह अवैध है। विशेष रूप से ऑस्ट्रेलिया में एक ईसाई पादरी ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा विकसित वैक्सीन का विरोध किया। लेकिन कई धार्मिक नेताओं ने इसका समर्थन किया है। मानव जाति को बचाने के लिए बनाया गया वैक्सीन कैसा होगा? यह प्रश्न कई धर्म गुरुओं द्वारा पूछा गया है।

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