भारत व रूस के संबंधों पर अमेरिका का आया बड़ा बयान, बढ़ेगी हलचल

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अमेरिका ने कहा है कि भारत व रूस के बीच ऐतिहासिक रिश्ते हैं. रक्षा मामलों में दोनों देश पुराने साझीदार रहे हैं. अमेरिका उन रिश्तों को खराब किए बिना भारत के साथ काम करने की बात कर रहा है. दरअसल, अमेरिका ने पहले रूस से भारत के एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की खरीद मामले पर बयान दिए थे. अब उसके रुख में बदलाव होता दिख रहा है….

अमेरिका ने कहा है कि वह भारत और रूस के ऐतिहासिक रिश्तों के बावजूद नई दिल्ली पर प्रतिबंध नहीं लगा सकता। विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका ऐसा रास्ता निकालना चाहता है, जिससे रक्षा मामलों में भारत की रूस पर निर्भरता से कोई फर्क न पड़े और हम दोनों देश साथ काम जारी रखें। भारत ने दिसंबर 2018 में रूस से एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने का समझौता किया था। अमेरिका ने उस वक्त भारत को प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी थी। हालांकि, अब तक ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

अधिकारी ने कहा कि नई दिल्ली ने मॉस्को से समझौता किया है उसका यह मतलब नहीं कि हमने उसे कोई छिपी हुई छूट दो रखी है। हालांकि, प्रतिबंध लगाने से पहले हर मामले को अलग तरह से देखा जाएगा। वॉशिंगटन नहीं चाहता कि भारत की रक्षा क्षमताएं कहीं से भी कमजोर हों। अफसर ने कहा कि काट्सा के तहत लगने वाले प्रतिबंध किस पर लग रहे हैं, इस पर भी विचार होता है। इस मामले में हमारे पास कई विकल्प मौजूद हैं। इसलिए हम भारत को इन प्रतिबंधों से बचाने के लिए रास्ता निकालना चाहते हैं। अमेरिकी संसद ने 2017 के रक्षा बजट में भारत को प्रमुख रक्षा सहयोगी का दर्जा दिया था। अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि आप देख सकते हैं, अमेरिका दुश्मनों से समझौता करने वालों पर कैसी कार्रवाई कर रहा है।

अधिकारी का कहना है कि हमने अपने नाटो पार्टनर तुर्की को भी एस-400 खरीदने के लिए कड़ा संदेश दिया है। अमेरिका ने हाल ही में रूस से रक्षा समझौता करने के लिए तुर्की को लॉकहीड मार्टिन के एफ-35 फाइटर जेट बेचने पर रोक लगाई थी। एस-400 मिसाइल सिस्टम 400 किलोमीटर के दायरे में आने वाली मिसाइलों और पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को भी खत्म कर देगा। एस-400 डिफेंस सिस्टम एक तरह से मिसाइल शील्ड का काम करेगा, जो पाकिस्तान की एटमी क्षमता वाली बैलिस्टिक मिसाइलों से भारत को सुरक्षा देगा। यह सिस्टम अमेरिका के सबसे एडवांस्ड फाइटर जेट एफ-35 को भी गिरा सकता है। वहीं, 36 परमाणु क्षमता वाली मिसाइलों को एकसाथ नष्ट कर सकता है।

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Rishabh
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