फ्री कश्मीर के पोस्टर पर देवेंद्र फडणवीस का आया बड़ा बयान, बढ़ी राजनीतिक हलचल

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फ्री कश्मीर के पोस्टर पर देवेंद्र फडणवीस का आया बड़ा बयान, बढ़ी राजनीतिक हलचल
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जेएनयू हिंसा के विरोध में मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर हो रहे प्रदर्शन के दौरान फ्री कश्मीर का पोस्टर लहराने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले में कहा है कि देश में अलगाववादी बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे. मामला गरमाने के बाद गेटवे ऑफ इंडिया को खाली करा दिया गया है. प्राथमिकी भी दर्ज की गई है…

दिल्ली में जेएनयू में छात्रों के साथ हुई हिंसा के विरोध में गेटवे ऑफ इंडिया पर प्रदर्शन कर रहे लोगों को पुलिस ने मंगलवार को जबर्दस्ती हटा दिया। इन्हें यहां से हटाकर आजाद मैदान ले जाया गया। प्रदर्शनकारी रविवार रात से यहां धरना दे रहे थे। पुलिस ने गेटवे पर प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की है। वहीं, प्रदर्शन के दौरान ‘फ्री कश्मीर’ का पोस्टर लहराने पर पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव सरकार को घेरा है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पिछले दिनों कांग्रेस व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ मिलकर सरकार बनाई है। इसके बाद इस प्रकार का पहला प्रदर्शन मुंबई में हुआ है, जिसमें इस प्रकार के पोस्टर लहराए गए हैं।

देवेंद्र फडणवीस ने ट्वीट किया कि आखिर प्रदर्शन हो क्यों रहा है? फ्री कश्मीर जैसे नारों की जरूरत क्या है? मुंबई में हम अलगाववादी तत्वों को बर्दाश्त कैसे कर सकते हैं? फ्री कश्मीर के पोस्टर मुख्यमंत्री कार्यालय से महज 2 किलोमीटर दूर लहराए गए। उद्धव जी, क्या आप अपनी नाक के नीचे भारत विरोधी अभियान पर सहमति जताएंगे? वहीं, फ्री कश्मीर के पोस्टर पर भाजपा के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने कहा कि मैंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, उन्होंने मुझे जांच का आश्वासन दिया है। देवेंद्र फडणवीस के इस हमले ने एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति को गरमा दिया है।

गेटवे पर प्रदर्शन के दौरान ‘फ्री कश्मीर’ का पोस्टर नजर आने के बाद मचे बवाल पर शिवसेना की ओर से सांसद संजय राउत ने बचाव किया है। राउत ने कहा कि प्रदर्शनकारी कश्मीर में इंटरनेट, मोबाइल सेवा पर बैन से आजादी चाहते हैं। भारत से कश्मीर की आजादी की बात बर्दाश्त नहीं है। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम ने कहा कि ऐसे पोस्टर देश भर में चल रहे छात्र आंदोलन को बदनाम कर सकते हैं। आंदोलन गुमराह हो सकता है। जेएनयू हिंसा का कश्मीर की आजादी से क्या रिश्ता? कौन हैं ये लोग ? इन्हें गेटवे पर किसने भेजा? बेहतर होगा, सरकार इसकी जांच कराए।

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